School Holiday List: पूरे देश में ठंड अपने चरम पर है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में मौसम का असर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। बर्फबारी, घना कोहरा और शून्य से नीचे गिरता तापमान देखते हुए राज्य के शिक्षा विभाग ने स्कूलों में लंबी छुट्टियों की घोषणा कर दी है। यह फैसला खासतौर पर उन विंटर ज़ोन वाले क्षेत्रों के लिए लिया गया है, जहां ठंड इतनी तेज़ होती है कि छोटे बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल ही नहीं, खतरनाक भी हो सकता है। शिक्षा विभाग के इस कदम से छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों सभी को राहत मिली है।
दिसंबर में लगातार सात दिन स्कूल बंद
जम्मू-कश्मीर के विंटर ज़ोन में आने वाले स्कूलों में 8 दिसंबर से 14 दिसंबर तक लगातार सात दिनों की छुट्टी घोषित की गई है। छुट्टी में शामिल तिथियां हैं—8, 9, 10, 11, 12, 13 और 14 दिसंबर। यह निर्णय बच्चों को कड़ाके की सर्दी, गहरे कोहरे और बर्फबारी से होने वाली परेशानी से बचाने के लिए लिया गया है। मौसम विभाग ने इन दिनों भारी बर्फबारी की आशंका जताई है, जिससे सामान्य आवागमन भी प्रभावित हो सकता है और सड़कें बेहद फिसलन भरी हो सकती हैं।
कक्षा के अनुसार अलग-अलग शीतकालीन अवकाश
राज्य शिक्षा विभाग ने सर्दियों की छुट्टियों को तीन श्रेणियों में बांटा है, ताकि छोटे बच्चों को अधिक समय तक सुरक्षा मिल सके और बड़े छात्र परीक्षा की तैयारी भी कर सकें।
प्री-प्राइमरी (नर्सरी और केजी)
सबसे लंबी छुट्टी छोटे बच्चों के लिए है। नर्सरी और केजी के छात्रों के लिए अवकाश 26 नवंबर 2025 से शुरू होकर 28 फरवरी 2026 तक चलेगा। लगभग तीन महीने तक बच्चे घर पर सुरक्षित रह सकेंगे।
कक्षा 1 से 8
इस वर्ग के छात्रों के लिए छुट्टी 1 दिसंबर 2025 से शुरू होकर 28 फरवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। इस आयु के बच्चों के लिए कड़ाके की ठंड में सुबह जल्दी उठना और स्कूल पहुंचना काफी कठिन हो जाता है, इसलिए विभाग ने इन्हें भी लंबा अवकाश दिया है।
कक्षा 9 से 12
उच्च कक्षाओं के छात्रों की छुट्टी 11 दिसंबर 2025 से 22 फरवरी 2026 तक रहेगी। चूंकि इन कक्षाओं में बोर्ड परीक्षाओं और प्री-बोर्ड की तैयारी महत्वपूर्ण होती है, इसलिए उनकी छुट्टियों की अवधि अपेक्षाकृत थोड़ी कम रखी गई है, लेकिन ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त समय दिया गया है।
छुट्टियों की आवश्यकता क्यों पड़ी
जम्मू-कश्मीर में सर्दियों के दौरान तापमान कई बार माइनस चार डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। बर्फबारी के कारण सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं, जिससे बच्चों का स्कूल जाना जोखिम भरा हो जाता है। इसके अलावा घने कोहरे के कारण दृश्यता कम हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। इतनी भीषण ठंड में छोटे बच्चों के बीमार पड़ने का खतरा काफी अधिक रहता है। निमोनिया, सर्दी-जुकाम और ठंड से जुड़ी अन्य बीमारियां सर्दियों में तेजी से फैलती हैं। इन सभी कारणों को देखते हुए सरकार हर साल ठंड के मौसम में स्कूलों को बंद रखती है, ताकि बच्चों का स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
छुट्टियों से बच्चों और अभिभावकों में उत्साह
स्कूल बंद होने की खबर सुनते ही बच्चों का उत्साह चरम पर पहुंच गया है। उन्हें अब ठंड में सुबह-सुबह उठकर स्कूल जाने की परेशानी नहीं होगी। घर पर गर्म माहौल में रहना, परिवार के साथ समय बिताना, बर्फबारी में खेलना और गर्मागर्म पकवानों का आनंद लेना बच्चों के लिए बेहद खुशी की बात है। अभिभावक भी इस फैसले से संतुष्ट हैं क्योंकि उन्हें बच्चों को ठंड में तैयार करके स्कूल भेजने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। शिक्षक भी मानते हैं कि इतनी ठंड में स्कूल पहुंचना और पढ़ाना चुनौतीपूर्ण होता है, इसलिए यह छुट्टी सभी के लिए राहतभरी है।
पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था
हालांकि स्कूल कई महीनों तक बंद रहेंगे, लेकिन शिक्षा विभाग ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। स्कूलों को पहले से ही गृहकार्य और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने को कहा गया है। कई विद्यालय डिजिटल माध्यम से ऑनलाइन कक्षाएं चलाने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि बच्चे घर बैठे पढ़ाई जारी रख सकें। अभिभावकों से भी अपेक्षा की गई है कि वे बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करें और उनका होमवर्क पूरा करवाएं। यह समय छात्रों के लिए आत्म-अध्ययन तथा कमजोर विषयों में सुधार करने का अच्छा मौका है।
अन्य राज्यों में भी छुट्टियों की संभावना
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और राजस्थान सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में भी ठंड का प्रकोप तेज़ी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में यह संभावना है कि आने वाले दिनों में इन राज्यों में भी स्कूलों में सर्दियों की छुट्टियां घोषित की जा सकती हैं, हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। जम्मू-कश्मीर में स्कूल छुट्टियों के वास्तविक आदेश और तारीखें शिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन पर निर्भर करती हैं। अलग-अलग जिलों और स्कूलों में छुट्टियों का समय थोड़ा भिन्न हो सकता है, इसलिए नवीनतम जानकारी के लिए स्कूल या जिला शिक्षा कार्यालय से संपर्क करना आवश्यक है।









